क्या आपने कभी सोचा है कि जीन्स में छोटी पॉकेट क्यों होती है ? जानिए इसके पीछे का सच !!

हममे से हर कोई आज के ज़माने में जीन्स पहनता है, आजकल बहुत तरह की जीन्स मार्किट में मिलने लग गई हैं। हर जीन्स एक दूसरे से अलग है, कोई खुली होती है तो कोई नैरो होती है और कुछ तो फटी हुई होती हैं। जीन्स को हम हफ्ते भर बिना धोए पहन सकते हैं, वह गन्दी भी नहीं लगती है और बाकी कपड़ों से उनकी लाइफ बहुत ज्यादा होती है। चाहे जितने भी तरह की जीन्स आज मार्किट में मिलती हैं पर सबका डिज़ाइन ज्यादातर एक जैसा ही होता है। आपने देखा होगा की चाहे जो मर्ज़ी जीन्स हो,

हममे से हर कोई आज के ज़माने में जीन्स पहनता है, आजकल बहुत तरह की जीन्स मार्किट में मिलने लग गई हैं। हर जीन्स एक दूसरे से अलग है, कोई खुली होती है तो कोई नैरो होती है और कुछ तो फटी हुई होती हैं। जीन्स को हम हफ्ते भर बिना धोए पहन सकते हैं, वह गन्दी भी नहीं लगती है और बाकी कपड़ों से उनकी लाइफ बहुत ज्यादा होती है। चाहे जितने भी तरह की जीन्स आज मार्किट में मिलती हैं पर सबका डिज़ाइन ज्यादातर एक जैसा ही होता है।

आपने देखा होगा की चाहे जो मर्ज़ी जीन्स हो, ज्यादातर जीन्स में दाईं साइड की पॉकेट के ऊपर एक छोटी पॉकेट होती है। पर अपने कभी यह सोचा है कि इस पॉकेट को किस काम के लिए दिया जाता है, अगर आज आप किसी से भी पूछोगे कि इस पॉकेट का प्रयोग क्या है तो वह यह ही बोलेगा कि यह सिक्के डालने के लिए है, यान फिर यह लाइटर, पेन ड्राइव यान छोटी चीज़ें डालने के लिए है जो आसानी से गम हो जाती हैं।

हम भी यही सोचते हैं कि यह पॉकेट इन्ही काम के लिए आ सकती हैं, पर ऐसा बिलकुल गलत है। असलियत में इस पॉकेट का यह काम नहीं होता है, यह पॉकेट सबसे पहले 18वी सदी में लेविस की जीन्स में आई थी। लेवि स्ट्रॉस जिन्होंने लेविस कंपनी खोली थी उन्होंने यह छोटी पॉकेट अपनी कंपनी की जीन्स में सबसे पहले डाली थी। यह पॉकेट किसी सिक्के या फिर कुछ और चीज़ डालने के लिए नहीं बनाई गई थी बल्कि इस पॉकेट को पॉकेट वाच डालने के लिए बनाया गया था।

 

उस समय लोग पॉकेट वाच को ज्यादा काम में लेते थे, और उन्हें उसे रखने में दिक़्क़त होती थी तो लेवि स्ट्रॉस ने इस समस्या को सुलझाने के लिए इस पॉकेट को जीन्स में दाल दिया। इस पॉकेट ना नाम भी वाच पॉकेट ही हैं, और इसमें आप आज भी पॉकेट वाच दाल सकते हैं। उस समय में यह जीन्स मजदूरों के लिए बनाई गई थी, इन्हे आमिर लोग नहीं पहनते थे बल्कि यह जीन्स मजदुर पहनते थे क्यूंकि काम करने के लिए इससे बेहतर कपड़ा कोई नहीं हो सकता था।

 

तभी इस जीन्स को इस तरह से बनाया था कि यह ज्यादा समय तक बिना धोए चलती रहे और यह फटे भी नहीं। कोबॉयस भी इस जीन्स को पहनते थे और उन्ही की वजह से आज हम यह जीन्स स्टाइल याँ फैशन के लिए पहन रहें हैं। आज चाहे इस पॉकेट को किसी भी काम के लिए इस्तेमाल किया जाए पर यह आज भी पॉकेट वाच के लिए ही बनाई जाती है।

 

आज चाहे हम पॉकेट वाच नहीं रखते हों पर यह एक जीन्स की पहचान के तोर पर आज भी बहुत सी कंपनियां इस पॉकेट को अपनी जीन्स में देती आ रहीं हैं।

 

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