क्यों मार देती हैं भारतीय सेना वफादार कुत्तों को गोली रिटायरमेंट के बाद ?

हम सब यह जानते हैं कि भारतीय सेना हो या फिर पुलिस, यहां इंसानो के साथ साथ कुत्ते भी काम करते हैं। कुत्ते बहुत सी ऐसी जगाओं पर काम करते हैं जहां इंसान नहीं पहुँच सकता। अगर कुत्तों कि वफ़ादारी की बात की जाए तो जो भी बोलें काम ही है क्यूंकि कुत्तों जैसा वफादार इस दुनिया में ना तो कोई जानवर हो सकता है, ना तो कोई इंसान। कुत्ते अपने मालिक के लिए जान तक भी देने के लिए त्यार होते है, इसलिए हम कुत्तों को इंसानो का सबसे अच्छा दोस्त बोलते हैं। अगर आप किसी कुत्ते को बचपन

हम सब यह जानते हैं कि भारतीय सेना हो या फिर पुलिस, यहां इंसानो के साथ साथ कुत्ते भी काम करते हैं। कुत्ते बहुत सी ऐसी जगाओं पर काम करते हैं जहां इंसान नहीं पहुँच सकता। अगर कुत्तों कि वफ़ादारी की बात की जाए तो जो भी बोलें काम ही है क्यूंकि कुत्तों जैसा वफादार इस दुनिया में ना तो कोई जानवर हो सकता है, ना तो कोई इंसान।

कुत्ते अपने मालिक के लिए जान तक भी देने के लिए त्यार होते है, इसलिए हम कुत्तों को इंसानो का सबसे अच्छा दोस्त बोलते हैं। अगर आप किसी कुत्ते को बचपन से पालो और उसे फिर कही छोड़ दो तो वो कुत्ता सालों बाद भी आपको पहचान लेगा। एक देश में ऐसा भी हुआ था कि एक आदमी ने एक भूखे कुत्ते को खाना खिला दिया था और वो कुत्ता उस आदमी के साथ आजतक घूमता है।

 

 

इंसान चाहे इंसान को भूल जाए पर कुत्ता कभी भी इंसान को नहीं भूल सकता। भारतीय सेना इन कुत्तों को बहुत अछि ट्रेनिंग देती है और इन्हे दुश्मनो से लड़ने की भी ट्रेनिंग देती है। पर सवाल यह उठता है कि भारतीय सेना इन कुत्तों को रिटायरमेंट के बाद खुद ही गोली क्यों मार देती है। क्या यह गलत नहीं है, और अगर है तो भारतीय सेना एक कुत्ते को कैसे मार सकती है।

भारतीय सेना से एक बार जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो कुत्तों का बहुत ध्यान रखते हैं, और उन्हें बहुत ही बढ़िया खाना और रहने की जगह मिलती है। जब भी कोई कुत्ता बीमार हो जाता है तो भारतीय सेना उनका पूरा बढ़िया इलाज़ भी करवाते हैं। पर अगर वो कुत्ता फिर भी ठीक नहीं होता तो वो उस कुत्ते को तड़प कर मरता हुआ नहीं देख सकते तो वह उसे गोली मार देते हैं।

 

 

 

यह बात तो हम समझ सकते है कि वो बीमार हो जाए तो उन्हें गोली मरना जायज़ हो जाता है। पर उन्हें रिटायरमेंट के समय क्यों गोली मरी जाती है? इसके पीछे भी भारतीय सेना का बहुत बड़ा राज़ है। एक भारतीय सेना के सिखाये हुए कुत्ते को सब पता होता हो यहां तक कि उनके गुप्त जगाओं के बारे में भी। अगर रिटायरमेंट के बाद वह कुत्ता किसी ऐसे इंसान को मिल जाए जो भारत को नुक्सान पहुँचाना चाहता हो तो भारत को फिर इस कुत्ते से भी खतरा हो सकता है।

 

इसी कारण की वजह से भारतीय सेना रिटायर किए गए कुत्तों को खुदी गोली से मार देती है। हम जानते हैं कि ऐसे वफादार कुत्तों को खुद ही मरना बहुत गलत बात है पर सेना यह सब भारत के लिए ही करती है। आपका क्या मानना है, क्या भारत कि सुरक्षा के लिए एक वफादार कुत्ते को मारना सही है या नहीं ?

 

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