15 ऐसी प्रथाएं जो महिलाओं के लिए किसी अत्याचार से कम नहीं, देखिए तस्वीरें

“सुना तूने रिंकी की शादी पक्की हो गई है।” बाजार में जब मेरी दोस्त रिंकी की मम्मी मिली तो उनका पहला वाक्य यही था। ‘वाह! अच्छी बात है” मैंने खुश होते हुए बोला और बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। बातों-बातों में जब मैंने पूछा कि शादी के बाद भी जॉब करेगी? तो जवाब था,”वो तो अब उसके ससुराल वाले ही देखेंगे। हम लोगों ने तो अच्छा पढ़ा-लिखा दिया है। आगे जैसा उनको सही लगे।” मुझे सुनकर थोड़ा अजीब लगा। ऐसा नहीं है कि आज सबकी यही सोच है। मगर हां कई परिवार ऐसे मिल जाएंगे जहां पर शादी के

“सुना तूने रिंकी की शादी पक्की हो गई है।” बाजार में जब मेरी दोस्त रिंकी की मम्मी मिली तो उनका पहला वाक्य यही था। ‘वाह! अच्छी बात है” मैंने खुश होते हुए बोला और बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। बातों-बातों में जब मैंने पूछा कि शादी के बाद भी जॉब करेगी? तो जवाब था,”वो तो अब उसके ससुराल वाले ही देखेंगे। हम लोगों ने तो अच्छा पढ़ा-लिखा दिया है। आगे जैसा उनको सही लगे।”

मुझे सुनकर थोड़ा अजीब लगा। ऐसा नहीं है कि आज सबकी यही सोच है। मगर हां कई परिवार ऐसे मिल जाएंगे जहां पर शादी के बाद लड़की के काम करने को ठीक नहीं समझा जाता है। और तो और शादी से पहले ऐसी किसी बात पर लड़की से चर्चा करना भी ठीक नहीं समझा जाता है।

अधिकांश लोग सोचते हैं कि शादी के बाद लड़की को चूल्हा और रसोई ही तो संभालना है। बस यही सोच सब जगह है। ऐसी ही कई प्रथाएं और रिवाज आज भी हैं जो महिलाओं के लिए किसी अत्याचार से कम नहीं हैं। आप खुद देख लीजिए। आज बात ऐसे ही कुछ बिंदुओं पर।

1.एक पत्नी कई पति

1.एक पत्नी कई पति 

हमने महाभारत में तो पांडव और द्रोपदी की कहानी सुनी ही है। मगर आज के समय में भी हिमालय के कई क्षेत्रों में यह प्रथा चली आ रही है। यहाँ खेती और अन्य कामों के लिए कम जमीन उपलब्ध होती है। अगर एक से ज्यादा बेटे हो तो जमीन का बंटवारा भी अधिक करना पड़ता है। ऐसे मामलों में सभी बेटों के लिए एक ही पत्नी लाई जाती है। भले ही यहाँ लोगों को इस बात से समस्या ना हो, मगर कही ना कही यह महिलाओं के मौलिक अधिकारों का हनन ही है।

2.होठों पर प्लेट

2.होठों पर प्लेट 

अफ्रीका की मुर्सी और सुरमा जनजाति की महिलाएं आपको आमतौर पर इसी तरह नजर आएंगी। यहाँ जब महिलाएं प्यूबर्टी की उम्र में आ जाती है तो उनके नीचे के सामने के दो दाँतों को तोड़कर निचले होठ में छेद करके उसे खींचकर यह प्लेट लगाई जाती है। साल दर साल इस लिप प्लेट का साइज बढ़ाया जाता है। इनका मानना है कि जितनी बड़ी प्लेट और  जितने बड़े होठ होंगे, महिलाएं उतनी ही खूबसूरत होंगी।

3.ब्रेस्ट्स को बर्न करना

3.ब्रेस्ट्स को बर्न करना 

कैमरून, नाइजीरिया और साउथ अफ्रीका के कुछ समुदायों में माना जाता है कि महिलाओं के ब्रेस्ट्स को जलाने से वो वृद्धि नहीं करेंगे और इससे दुष्कर्म जैसी घटनाएं कम होंगी। किशोरियों के पेरेंट्स ही उनके साथ यह घिनौनी हरकत करते हैं। पत्थर, हथोड़े या चिमटे को कोयले में तपाकर बच्चियों के ब्रेस्ट्स पर लगाया जाता है, ताकि हमेशा के लिए उनके सेल्स नष्ट हो जाए।

4.दांतों को कांटा जाता है

4.दांतों को कांटा जाता है 

सुमात्रा की मेंतावाई जनजाति में माना जाता है कि पॉइंटेड दाँतों वाली महिलाएं अधिक आकर्षक होती हैं। उनके शरीर और आत्मा के बीच बेहतर तालमेल होता है। ऐसे में यहाँ ब्लेड को शार्प कर महिलाओं के दाँतों को नुकीला किया जाता है। और तो और दर्द सहने के लिए कोई ड्रग भी नहीं दिया जाता।

5.सरेआम पिटाई

5.सरेआम पिटाई 

ब्राजील के इलाके में महिलाओं को नग्न अवस्था में सड़कों पर लाया जाता है। उन्हें वहां तब तक पीटा जाता है, जब तक वो मर नहीं जाए या फिर बेहोश नहीं हो जाए। इस क्रूर प्रथा को शादी के लिए टेस्ट माना जाता है। यदि युवती इतनी यातना झेलने एक बाद भी जागी रहती है तो उसे शादी के काबिल माना जाता है।

6.जननांगों के साथ छेड़छाड़ करना

6.जननांगों के साथ छेड़छाड़ करना 

सोमालिया और इजिप्ट के कुछ पिछड़े समुदायों में बहुत ही अजीब कारण से क्लिटोरल को विकृत कर दिया जाता है। यह किशोरियों की वर्जिनिटी की रक्षा के लिए बिना ड्रग्स दिए गंदे तरीके से वेजाइना को सील कर दिया जाता है।

7.गले में रिंग पहनाना

7.गले में रिंग पहनाना 

थाईलैंड की करेन ट्राइब में महिलाओं को गले में रिंग पहननी होती है। कारण यहां लंबी गर्दन को खूबसूरती की निशानी माना जाता है। महिलाओं को जिराफ की तरह गर्दन पाने के लिए जिंदगीभर यह रिंग पहननी होती है। लगभग पांच साल की उम्र से ही उन्हें रिंग पहनाना शुरू कर दिया जाता है। उम्र बढ़ने के साथ रिंग भी बढ़ाई जाती है।

8.’जबरदस्ती खिलाना’

8.

इस्लामिक गणराज्य मॉरिटानिया के कुछ हिस्सों में माना जाता है कि वजनी पत्नी अच्छा भाग्य और समृद्धि लाती है। ऐसे में यहाँ शादी से पहले युवतियों को जबरदस्ती हर रोज लगभग 16,000 कैलोरी की डाइट दी जाती हैं ताकि उनका वजन बढ़ जाए।

9.शादी से पहले रोना

9.शादी से पहले रोना 

साउथवेस्टर्न चीन के सिचुआन प्रान्त में रहने वाले तुजिआ लोग ‘ज़ुओ तांग’ नाम को अजीब रिवाज निभाते हैं। इसमें युवती को शादी से पहले एक महीने तक हर रात रोना होता है। यह प्रथा इतनी जरूरी है कि अगर दुल्हन रोने से मना करती हैं तो उसकी माँ उसे मार-मारकर रुलाती है।

10.दुल्हन को किया जाता है किडनैप

10.दुल्हन को किया जाता है किडनैप 

अपहरण करना किसी भी देश में सही नहीं माना जाता है। मगर रोमानी लोगों के यहां शादी करने के लिए अपहरण करना जरुरी होता है। रोमानिया में अगर कोई आदमी किसी युवती को 3 से 5 दिनों के लिए किडनैप कर लेता हैं तो वो उससे शादी कर सकता है।

11.टैटू बनाना

11.टैटू बनाना 

ब्राज़ील और पैराग्वे के कुछ समुदायों में महिलाओं के पूरे शरीर पर टैटू बनाए जाते हैं, ताकि वो पुरुषों को अट्रैक्ट कर सकें। यहाँ महिलाओं को पेट, ब्रेस्ट्स और बैक पर टैटू बनवाना अनिवार्य होता है।

12.कान खींचने की प्रथा

12.कान खींचने की प्रथा 

यदि आपने कभी भारी झुमके पहने होंगे तो आपको पता होगा कि थोड़ी ही देर में कान कितने दर्द करने लगते हैं। मगर मसाई जनजाति में कानों को खींचने के लिए लम्बे-लम्बे इयररिंग्स पहने जाते हैं। यह प्रैक्टिस विभिन्न कारणों से अफ्रीका, साउथईस्ट एशिया साउथ अमेरिका के कई हिस्सों में की जाती है।

13.खानी होती है गर्भनाल

13.खानी होती है गर्भनाल 

चीन के कुछ एरिया में ट्राइबल महिलाएं बच्चे को जन्म देने के बाद खुद की गर्भनाल खाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसे पौषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। मान भी लिया कि यह सेहत के लिए अच्छा होगा। मगर सोचने में तो यह भयानक ही लगता है।

14.नाक के साथ खिलवाड़

14.नाक के साथ खिलवाड़ 

अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली वाली अपातानी ट्राइब की महिलाओं की नाक के छेद में वुडन प्लग्स इन्सर्ट कर दिए जाते थे। यह प्रैक्टिस उन्हें खूबसूरत नहीं बल्कि बदसूरत दिखाने के लिए की जाती थी। ताकि कोई ट्राइब की महिलाओं को किडनैप ना करें। हालांकि अब इसपर काफी हद तक रोक लग गई है।

15.बनाए जाते हैं निशान

15.बनाए जाते हैं निशान 

अफ्रीका की कई जनजातियों में खूबसूरती बढ़ाने के लिए शरीर पर विभिन्न डिजाइन के निशान बनाए जाते हैं। खूबसूरत दिखने के चक्कर में महिलाओं को चेहरे और पूरे शरीर पर असहनीय दर्द झेलना होता है। यह निशान काँटों और रेजर की मदद से बनाए जाते हैं। इन्हें उभारने के लिए इन पर राख या जैविक लेप लगाया जाता है।